भारत में घरेलु बचत सालाना 600 बिलियन डॉलर से भी अधिक होती है , इसमें से मात्र 17 % ही स्टॉक मार्किट में निवेश होता है ,यह आँकड़ा विकसित देशो की तुलना में कम नज़र आता है ,इसकी एक मात्र वजह यह है की भारत में स्टॉक मार्किट का नाम आते ही सट्टेबाज़ी से तुलना शुरु हो जाती है। जबकि देखा जाये तो स्टॉक मार्किट किसी भी देश की अर्थवयवस्था का सबसे महत्वपूर्ण स्तम्भ होता है , 2008 में लोगो ने इस स्तम्भ को गिरते देखा था ,जब यह गिर रहा था तो पुरे देश क्या दुनिया में त्रासदी की स्थिति निर्मित हो गयी थी , प्राइवेट सेक्टर में कंपनी नुकसान में आ गयी थी ,लोगो को नौकरी से निकला जा रहा था। हालांकि 2009 समाप्त होते होते यह स्तिथि समाप्त हो गयी थी वरना सुरक्षित समझे जाने वाले सरकारी क्षेत्र को भी इसका कहर झेलना पड़ता। पर किया आप जानते है पिछले दस सालो में स्टॉक इंडेक्स में किया गया निवेश 10 गुना हो चूका है , जबकि बीच में 2008 क्रैश जैसी बड़ी आपदा भी आई थी , आम आदमी जो की महंगाई की मर झेल झेल कर पस्त हो चूका होता है उसके लिए महंगाई को कमाकर पीछे छोड़ना बहुत मुश्किल होता है ,इसका एक ही तरीका होता है , देश के साथ में प्रगति की जाये महंगाई के साथ साथ चलकर उसको पीछे छोड़ा जाये।
यदि कोई आम आदमी यह करना चाहता है तो उसका सामना होता है ,निवेश शब्द से ,और यह शब्द सुनकर उसके पसीने निकल जाते है उसके जेहन में सट्टेबाज़ी, स्टॉक बाजार , बुल -बेयर जैसे रेट रटाये शब्द कौंधने लग जाते है। और डर के मरे वह अपने हाथ खीच लेता है या नुकसान करवा लेता है , जबकि इसी शब्द निवेश से अच्छी खासी मित्रता रखने वाले पेशेवर निवेशक , और कॉर्पोरेट इसका उपयोग कर अच्छी खासी कमाई करते है। सुरक्षित समजे जाने वाले सोने ने भी आम निवेशक को अच्छा खासा निराश किया है और बीते सालो में खून के आसु रुलाने में भी कसर नहीं छोड़ी है। स्टॉक मार्किट ही एक मात्र उपाए रह गया है , पर आम आदमी अभी निवेश की कोशिश नहीं करता है , वह सट्टेबाज़ी शुरू कर देता है और दोष मार्किट पर मड़ता है , या सरकार को गाली देता है। कभी समझने का प्रयास नहीं करता की शेयर मार्किट में बिज़नेस बिकता है ,सट्टेबाज़ी के लिए नंबर नहीं। यदि आप स्टॉक मार्किट में नए है तो मैं आपको बताना चाहूंगा की स्टॉक या शेयर जिसे हम खरीदते है वो कोई सामान्य निवेश पत्र या बांड या फिक्स डिपॉज़िट नहीं होता है वह किसी भी कंपनी का मालिकाना हक़ होता है , मालिक जितना कमा रहा होता है आप भी उतना कमाते है ,बस आपके पास व्यापार संचालन अधिकार नहीं होता है। इस व्यापार तंत्र हिस्सा बनने लिए आपको स्टॉक खरीदना पड़ता है बशर्ते की आपने कंपनी के भविष्य ,उसके कारोबार बढ़ने के मौको और वर्तमान स्तिथि के हिसाब से मूल्यांकन हो , सामान्यतः आदमी नहीं जनता है और जान भी नहीं सकता इसके लिए किसी अच्छे निवेश सलाहकार लेनी चाहिए या की कोशिश करना चाहिए , शेयर बाजार में जानकारी ही पैसा होती है ,और इसके लिए सबसे आसान रास्ता है म्यूचल फण्ड , लगभग सभी लोगो ने इसका नाम सुना है पर जानते किस चिड़िया का नाम है , मैं बताता हु, बाजार में निवेश लिए आम आदमी पास जानकारी नहीं होती और अंततः नुकसान होता है , म्यूचल फण्ड बड़ी फाइनेंस कंपनी व् बैंक संचालित करते है, इसमें पुरे भारत के बाजार मैं 5500 अधिक स्कीमेँ विभिन्न कम्पनियो व् बैंको द्वारा संचालन की जा रही है , ये आपसे निश्चित राशि लेकर मार्किट में पेशेवर तरीके से निवेश करते है , किसी भी स्कीम को लेने से पहले उसके भूतकाल के रिटर्न की समीक्षा जरूर करे तथा ये भी पता लगाये की किन शेयरो में वह निवेश करती है। ध्यान रखिये आपके पैसो का मूल्य आपसे जयदा कोई नहीं जनता। धन्यवाद
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आपका
अनमोल बिहारिया

Gold futures rose by Rs 61 to Rs 31,016 per 10 gram in futures trading today as speculators widened positions, tracking a firming trend overseas. capitalstars
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