Saturday, 30 March 2013

What is nifty call/put? and how to trade? : Anmol bihariya


कॉल और पुट का अर्थ:
    कॉल का अर्थ निफ्टी  वृद्धि में अपने पैसे का निवेश करना  पुट का अर्थ है निफ्टी गिरावट में अपने पैसे का निवेश करना. मैं आपको  एक उदाहरण द्वारा समझाता हु,यदि  निफ्टी 5720  पर कारोबार कर रहा है। अब अगर आपको लगता है कि निफ्टी 5720 तक या ऊपर जाएगा तो कॉल ख़रीदा जाता है, और पुट ख़रीदा जाता है  अगर आपको लगता है कि 5720 से निफ्टी नीचे जायेगा। सरल भाषा  में आप निफ्टी वृद्धि और गिरावट पर निवेश कर रहे हैं। आप या तो एक अच्छा राशि प्राप्त करेंगे यदि निफ्टी  आपके पक्ष में है या लगायी गयी राशि पूरी खो देंगे यदि  यह अपने पक्ष में नहीं है। क्योकि कॉल और पुट के दिनांक, एक्सपायरी, कीमत लॉट के हिसाब से निर्धारित राशी आपसे  पहले ही जमा करवा ली जाती है 
निफ्टी के स्तर और कॉल,पुट की  कीमत:
    हम हर 100 बिंदु के अंतर पर निफ्टी में , जैसे  5700-5800-5900 पर कॉल पुट की खरीदारी कर सकते है अर्थात निफ्टी के हर 100 बिंदु या रूपये के स्तर पर समय,मूल्य,स्टॉक के लॉट के अनुसार विभिन्न  कॉल,पुट में अपने अनुमानानुसार खरीदारी कर सकते है। वहाँ हर स्तर के लिए एक कीमत होती है और अगर निफ्टी ऊपर चली जाती है और आपके पास कॉल है तो आप अच्छा लाभ मिलेगा और अगर यह नीचे गिर रही है और आप के पास पुट है तो  भी आपको  अच्छी रकम मिल सकती है, लेकिन विपरीत हालत में आप लगायी गयी सारी रकम जो जमा करवा ली जाती हे या खरीदते समय देनी पड़ती है खो  भी  सकते हैं. सब से पहले तो आप फैसला कीजिये आप कितना नुकसान कर सकते हैं या कितना पैसा रिस्क पर डाल सकते हे क्योकि  इसमें बहुत रिस्क होता है ,पर नुकसान सीमित होता है अगर हुआ तो और लाभ निफ्टी के गिरने या बढने पर निर्भर करता हे जो असीमित भी हो सकता है।
समाप्ति तिथि:
   कॉल और पुट की समाप्ति की तारीख तय रहती है जो की सामान्य रूप से महीने के आखिरी गुरुवार को होती है।आम तौर पर यह एक महीने के अंतराल है और उस अवधि के बाद समाप्ति की तिथि के दिन हम हमारे कॉल और पुट को बेच दिया जाता है।और एक और बात है जो आपको पता होना चाहिए है की धीरे - धीरे समाप्ति की तारीख करीब आने पर कॉल पुट अपनी बढ़ने की प्रवत्ति तथा मूल्य खोते जाते है। यदि समाप्ति की तिथि नजदीक है और निफ्टी यदि बहुत आधिक बढ़ भी जाये या गिर भी जाये तो कॉल और पुट अधिक फायदा नहीं देते उनकी बढ़ने की गति धीमी हो जाती है हम समाप्ति पर हमारे कॉल-पुट नहीं बेचते तो उसे स्टॉक एक्सचेंज के द्वारा खारिज कर दिया जाता है।
हम कितना कमा सकते हैं:
   कमाने के रूप में यह एक तेज और उग्र निवेश है यानि या  तो आप एक दिन में 10000 कमा सकते है या आप एक दिन में इतना ही खो सकते हैं। लाभ और नुकसान कितना आप निफ्टी में निवेश करते हे पर निर्भर है. अगर निफ्टी में उछाल अधिक है आप एक बहुत कमा कर सकते हैं। यदि बहुत बड़ी गिरावट हे तो गँवा भी सकते है तो पहले तय आप कितना निवेश कर सकते हैं, कितना रिस्क आप सहन कर सकते हैं? अच्छी कमाई निफ्टी के बारे में अपके ज्ञान और अलग घटनाओं के होने के जो निफ्टी को एक बहुत हद तक प्रभावित कर सकती है पर निर्भर करता है।कुल मिलाकर यह निफ्टी को लेकर आपकी समझ पर आधारित है।
विभिन्न घटनाओं पर नजर रखें:
    बाज़ार सूचकांक के रूप में के रूप निफ्टी विभिन्न घटकों पर आधारित होता है। भारतीय रिजर्व बैंक की नीतियों (सीआरआर, आर आर, रेपो आदि), मुद्रास्फीति, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), कंपनियों के परिणाम, अमेरिका और यूरोपीय बाजारों आदि की तरह अलग अलग घटनाओं का निफ्टी तथा शेयर बाजार  पर प्रभाव पड़ता है।
    कृपया सावधान रहिये  हो सकता है अगर आप कॉल-पुट  में निवेश कर रहे हो और इसकी गति  बहुत तेज और उग्र रूप में  होती है यह एक तरह से सट्टे की तरह होता है। आप एक अच्छी  राशि खो या हासिल कर सकते हैं। यदि आप को निफ्टी में निवेश का यह  तेज और उग्र तरीका पसंद नहीं है तो विभिन्न शेयरो में आधार भूत घटकों को देखकर दीर्घाआवधि का निवेश करे।

Thursday, 28 March 2013

Fixed income investment :by Anmol bihariya


      

Fixed return plans have a most  necessary investment in Financial Planning. There are short,mid,long term needs in a common life period where  fixed returns will be necessary without taking the risk on investment. The risk is low for these targets  with need of higher liquid money.There are many type of Fixed income instrument which can helps in many types of  targets, example are NCDs, T-bills, CDs, CP etc.They are not available to individuals for direct investments.Debt mutual funds and some fixed income plans invested in them all and we have a option to invest in mutual funds
 some needs and plans :-
      Regular Income- There are stages in life cycle when a regular income will be required.  Post retirement years are that part of lifecycle where dependency on regular income is high. Your risk taking ability reduces by the time you reach this phase and you will look at investments which can fetch you the desired income. Since every individual financial situation is unique, the dependency on regular income also varies. There are situations when you are able to work longer and so the need of generating regular income from your investments will not be high. But situations in life also arise when you might have to retire from work early. Then you will have to meet your expenses through this income. In such case you will have to search for avenues where you can get regular income. Apart from this there can be situation early in life like going for higher studies for which you might have to take a break from your employment. Then also you will look at some kind of regular income to meet your expenses. For all this situation fixed income investment which can generate regular income for longer years will be required as you cannot expose your entire money to high risk asset class like equities or illiquid asset class like real estate. Post Office MIS, Senior Citizen Savings Schemes, Monthly Income Plans from Debt Mutual Funds are options which are considered for meeting the requirement.

High Liquidity- Emergencies can arise at any lifestage and so you want to prepare for those. This requires choosing options where funds can be readily converted into cash. There are also Short term needs which may be 2-3 years ahead and so you cannot take higher risk with your investment but will look for liquidity. Traditional instruments like bank fixed deposits have been the most preferred instruments due to the liquidity factor. Apart from this Short term debt mutual funds like ultra short term, short term funds or even Fixed Maturity Plans are the choices which can be made based on the time horizon.

Capital Preservation- For Risk averse individuals or when you have short term goals then capital preservation is the main objective. You do not want to risk your money for a single loss of penny. Equities cannot meet this and reals estate is out of reach. In such situation fixed deposits for short term and recurring deposit for long term need are the most preferred choice. Traditional investments like NSC, Post office time deposits, PPF are also considered. Debt mutual Funds still have lower acceptance for meeting this requirement due to non- assurance and lack of awareness. But they too are a good choice.

Diversification- Not to put all eggs in one basket is a mantra followed and advised. Fixed income find a place in asset allocation to provide diversification to your investment. Employee provident Fund and PPF is already there with host of benefits and has been instrumental in meeting long term goals. But Gilt and Income funds are good options for generating a decent growth on your money along with equity exposure. This gives a diversification to the volatility risk which vary between equity & debt with latter being more stable.

Tax Efficiency- One of the major concern in financial planning is taxation on gains. All traditional instruments like FDs, RDs NSC have higher taxation which actually lowers down the attractiveness of the investments. Barring PPF no other avenue is able to provide higher risk adjusted return to investors. But fixed income cannot be avoided due to above mentioned reasons. Here, debt mutual funds closely match the objective due to their tax efficiency.

Even Fixed Income categories vary on risk and return which helps in meeting financial need at various life stages. Before making a decision analyze the option on various parameters to see how it matches your requirement.

Monday, 25 March 2013

what is depository ? NSDL? CDSL? : by ANMOL BIHARIYA

depository   एक डिपाजिटरी  एक केंद्रीय बैंक की तरह शेयरो तथा प्रतिभूतियो का सुरक्षित रखरखाव करता है,जेसे रूपये पैसो को रखा जाता है। जिस प्रकार हम बैंक से पैसे निकलने के लिए चैक जरी करते है ठीक वेसे ही ब्रोकर ,निवेशक को डिपाजिटरी से प्रतिभूतियो  की सुपुर्तागी हेतु डेबिट निर्देश जारी करते है,तथा क्रेडिट करने के लिए पे-इन-स्लिप जरी करते हे ।डिपाजिटरी का भारतीय निवेश बाज़ार में अहम् भूमिका होती है। यह किसी भी तरह के निवेश सम्बन्धी, अधिकार कागजातों के वहन से निजात दिलाता है।जिससे उस कागजात के घूम जाने, नष्ट हो जाने,चोरी हो जाने आदि के खतरे समाप्त हो जाते है। डिपाजिटरी में अंशधारक या शेयरहोल्डर के अनुरोध पर डिपाजिटरी भागीदार के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रतिभूतियो को धारण करता है।
      डिपाजिटरी की परिभाषा  :- डिपाजिटरी अधिनियम 1966 धारा 2e  के अनुसार ,डिपाजिटरी का आशय कंपनी अधिनयम 1956 के अधीन निर्मित एवं पंजीकृत एक ऐसी कंपनी से है, जिसे भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड अधिनयम 1992 की धारा 12 के अधीन प्रमाणपत्र दिया गया हो।कोई डिपाजिटरी एक डिपाजिटरी तब तक नहीं हो सकती जब तक उसको सेबी से प्रमाण पत्र न दिया गया हो।डिपाजिटरी द्वारा धारित सभी प्रतिभूतिया अभोतिकिकृत अर्थात इलेक्ट्रोनिक रूप में होगी।इसकी सेवाए लेने हेतु निवेशक को बैंक की भांति एक खता खोलना होता है  जिसे डी मेट  खाता कहते है।
      शेयर तथा ऋण बाज़ार में अभी दो डिपाजिटरी  द्वारा  सेवाए दी जा रही है,
    1. नेशनल सिक्योरिटीज  डिपाजिटरी लिमिटेड (NSDL)
    2.सेंट्रल डिपाजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (CDSL)
    ये दोनों कंपनिया लिस्ट होने वाली  कंपनी,निवेशको ,म्यूच्यूअल फण्ड था अन्य बाज़ार के हिस्सेदारों को अभोतिकीकरण का लाभ उपलब्ध करवाती है।
        डिपाजिटरी को एक लाभ प्राप्त करने वाले अधिकारी के लिए किसी प्रतिभूति के स्वामित्व को बदलने या किसी और के नाम करने के लिए  पंजीकृत स्वामी माना जायेगा। पर डिपाजिटरी अपने मन से किसी भी प्रकार का फेर बदल या शेयर दुसरे के नाम करना आधी नहीं कर सकती इसके लिए उसको उस प्रतिभूति के स्वामी से डेबिट निर्देश प्राप्त करने होंगे।पंजीकृत स्वामी की जगह भले डिपाजिटरी के नाम लिखे हो पर उन प्रतिभूतियो का लाभ उसके असली स्वामी यानि निवेशक को प्राप्त होगा, और प्रतिभोती का रख रखाव डिपाजिटरी करेगी जिसके बदले वह निवेशक से कुछ फीस लेगी।यदि डिपाजिटरी रखरखाव में भूल चुक करती है और निवेशक को परेशानी होती हे या उसको नुकसान  होता है, तो इसके लिए डिपाजिटरी बीमा  करवा के रखती है।तथा इस नुकसान के प्रति उत्तरदायी  होती है, था इसका भुकतान निवेशक को करती है।

Tuesday, 12 March 2013

Invest in hindustan unilever ltd. A FMCG Company: by ANMOL BIHARIYA

कुछ  महीनों पूर्व एक पर्सनल केयर के सामान बनाने' वाली कंपनी जिसका नाम लगभग हर भारतीय के जुबान पर होता हे , हिंदुस्तान युनिलेवर  लिमिटेड  के शेअर में 25% की  गिरावट देखी गयी थी। भारतीय शेयर बाज़ार के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इस शेयर की इस गिरावट ने सबको हक्का बक्का  करके रख दिया था।युनिलेवर पीएलसी  जो की हिंदुस्तान युनिलेवर  लिमिटेड की अभिभावक कंपनी हें, ने हिंदुस्तान युनिलेवर  लिमिटेड की रॉयल्टी बढ़ा दी थी जिसके चलते आशंकाओ में घिर जाने के कारण, इस मजबूत मने जाने वाले शेयर ने अपनी लाइफटाइम की सबसे तेज़ और बढ़ी गिरावट दर्ज  की , दरअसल 16 OCT 2012 से चला आ रहा ये सिलसिला अब जाकर थोडा थमा हे , जबकि शेयर के भाव 580 के लाइफटाइम हाई  से 432 रूपये  के निम्नतम स्तर पर आ गए हे, जबकि बढ़ा मन जा रहा रॉयल्टी का मामला इतना बढ़ा  नहीं था की अच्छी खासी गिरावट दर्ज हो जाये ,फ़िलहाल कुछ दिनों से ये शेयर बढात बना रहा हे, यह अब 444 रूपये  पर 26.6 के PE तथा 17 EPS और 16 BV के साथ व्यापर कर रहा हे,इस प्रकार के अच्छी कंपनी में इस गिरावट को मौके के रूप में इस्तेमाल कर के खरीदारी करना चाहिए। कंपनी पूरी तरह कर्ज मुक्त हे, था मार्केट में बहुत लोकप्रिय हे,अच्छे खासे  नकदी उत्पादन की छमता रखती हे, कंपनी के मैनेजमेंट के पास फण्ड के अच्छे  व्  संही जगह पर निवेश की छमता हे जो कंपनी के लिए मूल्य क्रिएट करता हे। सकारात्मक ऑपरेटिंग केश  फ्लो,अच्छे  WCM के चलते दिर्गकालीन निवेश अच्छा साबित हो सकता हे, कंपनी के ब्रांड मुख्य रूप से भारतीय बाजारों में खाने पीने ,साबुनों तथा देनिक उपयोगो की चीजों में अग्रणी हे इसके पास सर्फ ,व्हील ,रिन लाइफ बॉय , डव ,फेयर  एंड लवली ,हमाम ,ब्रिज ,रेक्स्सोना ,सनसिल्क,क्लियर ,पोंड्स ,वेसलिन ,पेप्सोडेंट,क्लोजअप ,ताज , ब्रू , किसान ,क्वालिटी वाल्स  जेसे अच्छे खासे ब्रांडो की फोज खड़ी हे , मार्किट में HUL की उपस्तिथि बहुत आधिक था बढ़ी हे। कंपनी का ROIC इस समय किसी भी भारतीय कंपनी के ROIC से बहुत अधिक हे हल का ROIC  लगभग 82.55% हे जबकि ITC  इस मामले में 35% ROIC लेकर व्यापर  कर रहा हे, YOY  ग्रोथ  12.06% हे जो की अधिक नहीं हे पर अच्छी हे,मुझे नहीं लगता रॉयल्टी बढ़ने वाले इशू  का कंपनी की ग्रोथ पर अधिक प्रभाव  पड़ेगा ,मेरी राय से  लम्बे समय का निवेश अधिक लाभ  दे सकता हें!  DISCLOSURE:I HAVE  PERSONAL HOLDING IN THIS COMPANY, ANMOL BIHARIYA