चूकि मैं teen age से गुजर चूका हु इसलिए जनता हु की एक्ने और पिम्पल सबसे बड़ी प्रॉब्लम होती हे आजकल कोई भी छोटी मोटी प्रॉब्लम के लिए डोक्टर के पास जाना और दवाई गोली खाना सामान्य बात हे मगर दोस्तों जो चीज़ natural होती हे उसको रोकना या दबाना गलत हे सामान्यतः १२ से १८,१९ तक लड़के लडकियों को पिम्पल या एक्ने होते हे मगर उनको दबाना फोड़ना या रोकने के लिए अलोपेथी का उपयोग करना संही नहीं होता आप अपने आप को और बड़ी मुश्किल में डाल सकते हे , एक समय था जब मुझको भी इनका सामना करना पड़ा था जब बहुत परेशान रहता था में मेने कई दवाई गोली साबुन उपयोग किये पर कोई फायदा नहीं हुआ एक दिन मेने परेशान होकर सब फेक दिया और सिर्फ साबुन से मुह धोता था ४-५ बार दिन में बस मेने हार मन ली थी मगर तोड़े दिनों बाद अपने आप जब मेने कुछ उसेनाही किया तो मुहासे और पिम्पल कम होने लगे और अपने आप ठीक हो गए इसके पीछे यहह कारन था जब आप उस पर कोई तुबे या गोली उपयोग करते हे तब उसका कुछ हिस्सा अंदर ही रहा जाता हे और दब जाता हे और जेसे ही आपने गोली या तुबे लगाना बंद किया वो वापस पिम्पल बन जाता हे इसलिए कुछ उसे न करे डॉक्टर को तब ही दिखाए जब बहुत जयादा प्रॉब्लम हो और तेल की चीज़े कम खाए और चेहरे पर कभी फेसमास्क के रूप में दन्ही, दूध ,मलाई या कुछ भी तेल वाली चीज़ उसे न करे,आपकी सुन्दरता आपके पास रहेगी जयादा हो तो नीम के पानी से मुह धुये .
धन्यवाद
आपका
अनमोल बिहारिया
धन्यवाद
आपका
अनमोल बिहारिया
